
सादे गत्ते के डिब्बों का परिचय
सादे गत्ते के डिब्बे आजकल पैकिंग उद्योग का एक अभिन्न अंग बन चुके हैं। ये न केवल सस्ते होते हैं बल्कि अत्यधिक टिकाऊ भी होते हैं। इनका उपयोग विभिन्न उद्योगों जैसे ई-कॉमर्स, फार्मास्यूटिकल, खाद्य प्रसंस्करण और निर्माण क्षेत्र में बड़े पैमाने पर किया जाता है।
सादे गत्ते के डिब्बों के प्रमुख लाभ
लागत प्रभावी समाधान
अन्य पैकिंग सामग्रियों की तुलना में गत्ते के डिब्बे काफी सस्ते होते हैं। एक सामान्य गत्ते का डिब्बा ₹10 से ₹100 के बीच में उपलब्ध होता है, जो उत्पाद के वजन और आकार पर निर्भर करता है।
उत्कृष्ट सुरक्षा
गत्ते की परतदार संरचना उत्पादों को झटकों और बाहरी प्रभावों से बचाती है। परीक्षणों से पता चला है कि एक अच्छी तरह से डिजाइन किया गया गत्ते का डिब्बा 50-100 किलोग्राम तक का भार सहन कर सकता है।
पर्यावरण अनुकूल
गत्ते के डिब्बे 100% रिसाइकिल होने वाले होते हैं। भारत में हर साल लगभग 40 लाख टन गत्ते का उत्पादन होता है, जिसमें से 70% से अधिक को रिसाइकल किया जाता है।
सादे गत्ते के डिब्बों की विभिन्न किस्में
सिंगल वॉल डिब्बे
ये हल्के वजन वाले उत्पादों के लिए उपयुक्त होते हैं और सबसे सस्ते विकल्प प्रदान करते हैं। इनकी औसत कीमत ₹15-₹50 प्रति डिब्बा होती है।
डबल वॉल डिब्बे
अधिक भारी और नाजुक सामान के लिए उपयोग किए जाने वाले ये डिब्बे अधिक मजबूत होते हैं। इनकी कीमत ₹40-₹120 प्रति डिब्बा तक हो सकती है।
ट्रिपल वॉल डिब्बे
भारी औद्योगिक उपकरणों और मशीनरी पार्ट्स के लिए उपयुक्त ये डिब्बे सबसे मजबूत होते हैं। इनकी कीमत ₹80-₹300 प्रति डिब्बा तक हो सकती है।
सही गत्ते के डिब्बे का चयन कैसे करें?
उत्पाद के वजन का ध्यान रखें
हल्के उत्पादों (1-5 किलो) के लिए सिंगल वॉल, मध्यम वजन (5-20 किलो) के लिए डबल वॉल और भारी सामान (20 किलो से अधिक) के लिए ट्रिपल वॉल डिब्बे चुनें।
आकार का सही चुनाव
डिब्बे का आकार उत्पाद से 1-2 इंच बड़ा होना चाहिए ताकि कुशनिंग मटेरियल लगाया जा सके। भारत में सबसे अधिक बिकने वाले आकार 12x12x12 इंच से 24x24x24 इंच तक होते हैं।
गत्ते की गुणवत्ता जांचें
गत्ते का वजन (GSM - ग्राम प्रति वर्ग मीटर) और बर्स्ट फैक्टर (किलोग्राम प्रति वर्ग सेंटीमीटर) जांचें। एक अच्छे डिब्बे का बर्स्ट फैक्टर कम से कम 14-16 kg/cm² होना चाहिए।
भारत में गत्ते के डिब्बों का बाजार
भारत में गत्ते के डिब्बों का बाजार 2023 में लगभग 5,000 करोड़ रुपये का था और यह प्रतिवर्ष 12-15% की दर से बढ़ रहा है। मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु और चेन्नई प्रमुख उत्पादन केंद्र हैं। ई-कॉमर्स उद्योग के विस्तार के साथ गत्ते के डिब्बों की मांग में भारी वृद्धि हुई है।
निष्कर्ष
सादे गत्ते के डिब्बे पैकिंग की दुनिया में एक आदर्श समाधान प्रस्तुत करते हैं। ये न केवल लागत प्रभावी हैं बल्कि पर्यावरण के अनुकूल भी हैं। सही प्रकार के डिब्बे का चुनाव करके आप अपने उत्पादों को सुरक्षित रख सकते हैं और परिवहन लागत को कम कर सकते हैं।